प्रोटॉन क्या है, प्रोटॉन की खोज किसने की? What is Proton in Hindi

प्रोटॉन क्या है
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आधुनिक जगत अब बहुत आगे पहुंच चुका है। हमने ऐसी ऐसी खोजे कर ली है जो हमारी परिकलना से भी पूरे थे। परमाणु और उसके अवयवों की खोज भी ऐसी ही एक परिकल्पना थी। परंतु आज हमने परमाणु के बारे में बहुत कुछ जान लिया है। आज हम अपने आर्टिकल प्रोटॉन क्या है में परमाणु के नाभिक में पाया जाने वाला कण प्रोटॉन के बारे में बात करेंगे। प्रोटॉन की खोज से किस प्रकार वैज्ञानिकों को नई दिशा मिली जानने के लिए बने रहे हमारे साथ।

हम आपको बताएंगे कि प्रोटॉन क्या है? प्रोटॉन के खोजकर्ता कौन हैं? प्रोटॉन की खोज में किन-किन वैज्ञानिकों का योगदान रहा। वैज्ञानिक गोल्डस्टीन और रदरफोर्ड कोन है एवम इन्होंने परमाणु को जानने में कैसे मदद की? इसके अलावा कुछ छोटी पर महत्वपूर्ण बातें जैसे प्रोटोन का द्रव्यमान कितना होता है इस पर कितना आवेश होता है आदि कई बातो पर चर्चा करेंगे। तो जुड़े रहिए आर्टिकल के साथ। चलिए शुरू करते हैं की प्रोटॉन क्या है।

प्रोटॉन क्या है? What is Proton in Hindi?

प्रोटॉन धनात्मक आवेश युक्त कण है, जो परमाणु के नाभिक में न्यूट्रॉन के साथ पाया जाता हैं। प्रोटोन की खोज अर्नेस्ट रदरफोर्ड ने की थी। प्रोटोन एक ग्रीक भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है फर्स्ट अर्थात पहला। सन 1920 में रदरफोर्ड ने प्रोटॉन की खोज के लिए प्रयोग किया था। प्रोटॉन की खोज के साथ साथ इन्होंने परमाणु के नाभिक की भी खोज की थी। रदरफोर्ड को परमाणु के महायुग का महापिता के रूप में जाना जाता है। किसी परमाणु का परमाणु क्रमांक उसने उपस्थित प्रोटोनो की संख्या के बराबर होता है। अपने आर्टिकल प्रोटॉन क्या है को आगे बढ़ाते हुए बात करेंगे कि प्रोटॉन की खोज कैसे हुई और किन वैज्ञानिकों ने इसमें योगदान दिया।

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प्रोटॉन की खोज का इतिहास – History of discovery of Proton

1815 की शुरुआत में वैज्ञानिक बृजेश रावत ने यह विचार रखा की सभी परमाणु हाइड्रोजन के परमाणु से मिलकर बने हैं, जिसे उन्होंने protyles का नाम दिया। इसके पश्चात सन 1898 में वैज्ञानिक विल्हेम विहेम ने और 1910 में वैज्ञानिक जे जे थॉमसन ने एक ऐसे धनात्मक कण की खोज की जिसका द्रव्यमान हाइड्रोजन परमाणु के द्रव्यमान के बराबर था।

वैज्ञानिक यूजिंग गोल्डस्टीन के द्वारा सन 1986 में अनुज किरण के प्रयोग के दौरान प्रोटॉन को हाइड्रोजन आयन अर्थात H+ के रूप में देखा था। उसके बाद सन् 1917 से 1920 के बीच में रदरफोर्ड ने अपने प्रयोग अल्फा किरण द्वारा, नाभिक में मौजूद धन आवेश भाग प्रोटॉन की खोज की। का इसका नाम हाइड्रोजन न्यूक्लियस से बदलकर प्रोटोन रख दिया गया। अब हम अपने इस अभिलेख में प्रोटॉन क्या है में अब हम कुछ तथ्य के बारे में अध्ययन करेंगे।

प्रोटॉन के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें – Some important point about Proton

इस आर्टिकल प्रोटॉन क्या है में हम अब आपको प्रोटॉन के बारे में कुछ बहुत महत्वपूर्ण पॉइंट्स बताने जा रहे हैं, जो आपकी जानकारी को एक लेवल ऊपर तक बढ़ा देंगे। तो प्रोटीन के बारे में कुछ प्वाइंट निम्नलिखित हैं –

  • प्रोटॉन नाभिक के अंदर न्यूट्रॉन के साथ स्थित रहता है।
  • वैज्ञानिक लिटरेचर में प्रोटोन शब्द का प्रयोग प्रथम बार सन् 1920 में हुआ।
  • प्रोटोन को अंग्रेजी अक्षर के p से रिप्रेजेंट करते हैं। क्युकी प्रोटॉन की स्पेलिंग p से शुरू होती है इसलिए ऐसा किया जाना उचित लगा होगा।
  • परमाणु में उसके केंद्र में एक सूक्ष्म ठोस भाग पाया जाता है जिसे नाभिक का नाम दिया गया है। इस नाभिक के अंदर प्रोटॉन रहते हैं जो कि धनावेशित होते हैं, प्रोटॉन के साथ में न्यूट्रॉन भी पाए जाते हैं परंतु ये उदासीन होते हैं, उन पर कोई भी आवेश नहीं होता है।
  • प्रोटोन पर जो धन आवेश पाया जाता है उसे एक इकाई धन आवेश कहते हैं जिसका मान6×10-19 कूलोम होता है। नाभिक के चारों ओर चक्कर लगा रहे इलेक्ट्रॉनों पर भी उतना ही आवेश होता है। परंतु इलेक्ट्रॉन के आवेश की प्रकृति प्रोटॉन पर आवेश की प्रकृति के विपरीत होती है।
  • अब यदि बात की जाए प्रोटॉन का द्रव्यमान की तो इसका मान67×10-24 kg या 1.6726×10-24 kg होता है। यहां सबसे खास बात यह है कि प्रोटोन और न्यूट्रॉन का द्रव्यमान ही परमाणु के संपूर्ण द्रव्यमान के बराबर होता है।
  • प्रोटॉन का द्रव्यमान इलेक्ट्रॉन के द्रव्यमान से लगभग 1837 गुना ज्यादा होता है। प्रोटॉन क्या है आर्टिकल में अभी और भी प्वाइंट बाकी है। इन्हे ध्यान पूर्वक पढ़ते रहिए।
  • अलग-अलग प्रकार के परमाणुओं में प्रोटॉन की संख्या भिन्न होती है। उदाहरण के लिए सोडियम के परमाणु में 11 प्रोटॉन होते हैं और कार्बन के परमाणु में 12 प्रोटॉन पाए जाते हैं।
  • नाभिक के अंदर प्रोटॉन और न्यूट्रॉन आपस में नाभिकीय बल के कारण जुड़े रहते हैं। इसी कारण ये स्थाई भी रहते हैं।
  • मॉडर्न फिजिक्स के अनुसार यह खोज करके पता लगाया गया है कि प्रोटॉन परमाणु के नाभिक का मूल कण नहीं है बल्कि इससे भी छोटे कण प्रोटोन में पाए जाते हैं जिन्हें क्वार्क कहते हैं।
  • प्रोटोन के अंदर क्वॉर्क पाए जाते हैं, यह संख्या में तीन होता है। इसमें दो क्वार्क डाउन होते हैं और एक बार क्वार्क ऊपर होता है।
  • नाभिक में रहने वाले protons की अर्ध आयु बहुत अधिक लंबी होती है, इतनी लंबी कि हमारे ब्रह्मांड की पूर्ण आयु से भी कई गुना ज्यादा होती है।
  • हाइड्रोजन परमाणु के अंदर सिर्फ एक प्रकार का ही प्रोटोन पाया जाता है और इसमें प्रोटोन की संख्या भी सिर्फ एक होती है। इसलिए हाइड्रोजन को प्राथमिक कण या एलिमेंटल पार्टिकल कहा जाता है।
  • हाइड्रोजन परमाणु के हल्के आइसोटोप में न्यूट्रॉन नहीं पाए जाते हैं, सिर्फ प्रोटोन पाए जाते हैं। परंतु हाइड्रोजन के heavy isotops में दो न्यूट्रॉन पाए जाते हैं। ड्यूटीरियम और ट्रिटियम, हाइड्रोजन के भारी आइसोटोप हैं।

परमाणु मे प्रोटॉन की स्थिति

प्रोटोन से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न – प्रोटॉन क्या है? What is Proton?

उत्तर – परमाणु के नाभिक के अंदर पाया जाने वाला एक ठोस कण प्रोटॉन कहलाता है।

प्रश्न – प्रोटॉन धनात्मक कण होता है या ऋणआत्मक? Is proton Positive particle or negative?

उत्तर – प्रोटॉन पर धनात्मक आवेश होता है अर्थात यह एक धनात्मक कण है।

प्रश्न – Positron पॉजिटिव इलेक्ट्रॉन भी कहते हैं की खोज किसने की? What is positron and who discovered it?

उत्तर – वैज्ञानिक डेविड एंडरसन ने सन् 1932 में positron की खोज की।

प्रश्न – प्रोटॉन के खोजकर्ता कौन है? Who is the discoverer of proton?

उत्तर – वैज्ञानिक रदरफोर्ड को प्रोटॉन के खोजकर्ता माना जाता है।

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निष्कर्ष

आशा करता हूँ आ[को आज का यह हमारा लेख पसंद आया होगा। जिसमे हमने आपको बताया कि प्रोटान परमाणु के किस भाग मे स्थित होता है। इसका क्या आवेश, द्रव्यमान और इससे जुड़े तथ्य जाने। अगर आपको इस लेख से जुड़े कोई भी सवाल हों तो कृपया कॉमेंट बॉक्स मे अवश्य पूछें। जिससे आपका कोई संदेह न रह जाए।

 

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