अधातु किसे कहते हैं और इसके क्या उपयोग हैं? What is Nonmetal in Hindi

अधातु किसे कहते हैं
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हेलो नमस्कार दोस्तों, आपका बहुत स्वागत है हमारे इस नए आर्टिकल अधातु किसे कहते है में। रसायन विज्ञान के महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में लोगो को कुछ न कुछ ज्ञान अवश्य होता है। जो लोग विज्ञान वर्ग के होते हैं बे अपने पाठ्यक्रम में रसायन विज्ञान के महत्वपूर्ण बिंदुओं जैसे की धातु – अधातु किसे कहते हैं परमाणु क्या होता है, आदि बातों का अध्यन करते हैं। इसलिए हम आपके लिए भी ऐसा ही एक महत्वपूर्ण विषय अधातु किसे कहते हैं, लेकर आए हैं।

अधातु से संबंधित बहुत से प्रश्न जैसे कि अधातु किसे कहते हैं और इनके क्या उपयोग हैं, धातु तथा अधातु में क्या अंतर है धातुएं किस प्रकार से रसायनिक अभिक्रिया करती हैं। धातु अधातु आपस में क्रिया करके कौन से बन्ध बनाते हैं। ऐसे ही और भी बहुत से महत्वपूर्ण प्रश्न के उत्तर इस आर्टिकल में आपको मिलने वाले हैं। तो चलिए शुरू करते हैं अपने आर्टिकल को।

अधातु किसे कहते हैं और इसके क्या उपयोग हैं? What is Non-Metal in Hindi

वह तत्व जिसमे धात्विक गुण नहीं पाए जाते और भंगुर होते हैं, अधातु कहलाते हैं। उदाहरण: ऑक्सीजन, सल्फर, क्लोरीन इत्यादि। आवत सारणी में कुल 118 तत्व हैं जिनमें से 91 तत्व धातु और 27 तत्व अधातु है। अधातूयों को ऋण विद्युत तत्व भी कहते हैं।

धातुओं के कुछ उदाहरण निम्न प्रकार हैं –

कार्बन, ऑक्सीजन, फ्लोरिन, सल्फर, नाइट्रोजन, ब्रोमीन, आयोडीन, बोरोन आदि। चलिए धातु और अधातु में अंतर जान लेते है, आर्टिकल अधातु किसे कहते है को अंत तक जरूर पढ़े ताकि आपको यह पूरा topic अच्छे से समझ मे आजाए।

धातु किसे कहते हैं? 

धातु और अधातु में क्या अंतर है? What is Difference between Metals & Non-Metals?

हमारे आर्टिकल अधातु किसे कहते हैं में धातु तथा धातुओं में अंतर बहुत सरल शब्दों में समझाया गया है जो कि निम्न प्रकार हैं –

  • धातु जब ऑक्सीजन से react करके ऑक्साइड बनाते हैं तो यह क्षारीय प्रकृति के होते हैं। परंतु जब अधातुएं ऑक्साइड बनाते हैं तो ये अम्लीय प्रकृति के होते हैं।
  • अधातुओं की इलेक्ट्रॉन बंधुता अधिक होती है (अक्रिय गैसों को छोड़कर) जबकि धातुओं के इलेक्ट्रॉन बंधुता कम होती है।
  • अधातुओं में तन्यता नहीं होती है, इन्हें खींचने पर यह टुकड़ों में टूट जाती हैं। परंतु धातुओं में तन्यता का गुण पाया जाता है और इन्हें खींचकर पतला तार बनाया जा सकता है।
  • पारा धातु को छोड़कर बाकी सभी धातुएं प्रकृति में ठोस अवस्था में पाई जाती हैं। अधातु के विषय में यदि बात की जाए तो यह तीनों अवस्था अर्थात ठोस, द्रव, गैस में पाई जाती हैं।
  • धातुओं के द्वारा ऊष्मा तथा विद्युत का संचालन संभव है, परंतु अधातु में यह गुण नहीं पाया जाता है। ग्रेफाइट को छोड़कर अधातूएं विद्युत और ऊष्मा की कुचालक होती हैं।
  • धातुएं आघातवर्धनीयता का गुण दर्शाती हैं। परंतु अधातुए प्रकृति में भंगुर होती हैं।
  • धातुओं के गलनांक और क्वाथनांक उच्च होते हैं और अधातुयों के गलनांक और क्वाथनांक निम्न होते हैं।
  • धातुओं में एक विशेष प्रकार की चमक पाई जाती है जिसे धात्वीक चमक कहते हैं। परंतु अधातुयो में कोई भी चमक नही पाई जाती है, हीरा और ग्रेफाइट को छोड़कर।
  • धातुओं को पीटने पर ध्वनि उत्पन्न होती है। अधातूयो को पीटने पर कोई आवाज नहीं आती है।
  • अधातुओं का घनत्व कम होता है जबकि धातुओं का घनत्व अधिक होता है।
  • धातुएं अन्य धातुओं के साथ क्रिया करके मिश्र धातु का निर्माण करती हैं, और पारा के साथ अभिक्रिया करके अम्ल गम का निर्माण करती हैं। अधातूए ऐसी कोई भी अभिक्रिया नही दर्शाती हैं, अर्थात ये मिश्र धातु का निर्माण नही करती हैं।

धातुओ तथा अधातुओ के कुछ प्रमुख रासायनिक गुण – Some Important chemical properties of Metals and Non Metals

श्याम आपको धातु तथा अधातु द्वारा कही जाने वाली कुछ प्रमुख तो सभी क्रियाओं तथा बंधुओं की प्रकृति के बारे में बताएंगे। अतः हमारे आर्टिकल अधातु किसे कहते हैं में इन प्वाइंटों को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

धातुओं के रासायनिक गुण

  • धातु रसायनिक अभिक्रिया के दौरान इलेक्ट्रॉन का त्याग कर देती हैं।
  • धातुओं रासायनिक अभिक्रिया में अपचायक के रूप में कार्य करती हैं।
  • जब धातु में ऑक्सीजन से रिएक्शन करती हैं तभी है क्षारीय ऑक्साइड बनाती हैं।
  • अम्लो के साथ अभिक्रिया करके धातुएं हाइड्रोजन गैस को निष्कासित करती हैं।
  • जब धातुएं क्लोरीन के साथ अभिक्रिया करती हैं तो ये वैधुत्त संयोजी बंधो का निर्माण करती हैं।

अधातुओं के रासायनिक गुण

  • अधातुएं रसायनिक अभिक्रिया के दौरान इलेक्ट्रॉन ग्रहण करती हैं और ऋण आयन का निर्माण करती हैं।
  • अधातु रसायनिक अभिक्रियाओं में ऑक्सीकारक की तरह कार्य करते हैं।
  • यह अम्लो के साथ अभिक्रिया नही करती हैं।
  • अधातुएं ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके अम्लीय ऑक्साइड बनाती हैं।
  • अधातुये क्लोरीन के साथ क्रिया करके सहसंयोजक बंध बनाती हैं।

अधातुओं के उपयोग – Uses of Non Metals

अधातु की परिभाषा और गुणों के बारे में जानने के बाद अब अपने आर्टिकल अधातु किसे कहते हैं में इनके प्रयोगों के बारे में बात करेंगे। अधातुओं के कुछ प्रमुख उपयोग निम्न प्रकार हैं –

  • सल्फर धातु का प्रयोग करके सल्फ्यूरिक अम्ल का निर्माण किया जाता है, जिसे अम्लों का राजा भी कहते हैं।
  • कुछ अधातु आभूषण बनाने में भी प्रयोग की जाती हैं उदाहरण के लिए हीरा।
  • फोटोग्राफी फिल्म में भी सिल्वर नाइट्रेट का प्रयोग किया जाता है।
  • जल से कीटाणु साफ करने के लिए क्लोरीन अधातु का प्रयोग किया जाता है।
  • कार्बन का प्रयोग पेंसिल बनाने में किया जाता है।
  • ऑक्सीजन गैस हमारी प्राण वायु कहलाती है।
  • आयोडीन का प्रयोग एंटी बैक्टिरियल सॉल्यूशन बनाने में किया जाता है। जैसे की बीटाडीन।
  • नाइट्रोजन अधातु बहुत से जैविक तत्वों में पाई जाती है। इसके अलावा हार्मोन्स, एंजाइम्स और न्यूक्लिक एसिड्स, अमीनो एसिड्स, प्रोटीन में भी नाइट्रोजन पाया जाता है।

अधातु के उपयोग

अधातुओं से जुड़े कुछ अपवाद – Some Exceptions Related with Non Metals

धातु तथा अधातु के गुणों से संबंधित कुछ ना कुछ अपवाद जरूर होते हैं, जिन्हें किसी वैज्ञानिक तथ्यों पर साधारणता तो बहुत कम ही डिफाइन किया जा सकता है। ऐसे तथ्यों को हमें याद करना बहुत आवश्यक होता है। धातुओं से जुड़े कुछ अपवाद निम्न प्रकार दिए गए हैं –

  • अधातु कठोर नहीं होती हैं परंतु हीरा जो की कार्बन का ही एक रूप है सबसे कठोर होता है।
  • सामान्यता अधातु विद्युत ऋणआवेशित होती हैं पर हाइड्रोजन विद्युत धनावेशित होता है।
  • नार्मल टेंपरेचर पर अधातु गैस तथा ठोस अवस्था में पाई जाती हैं, लेकिन ब्रोमीन एक ऐसी अधातु है जो सामान्य temperature पर लिक्विड अवस्था में पाई जाती है।
  • कार्बन अधातु होते हुए भी सबसे हाई मेल्टिंग प्वाइंट रखता है।
  • अधातु में विद्युत का चालन नहीं करती हैं परंतु ग्रेफाइट अधातु (कार्बन का Allotrope) विद्युत की सुचालक होती है।

न्यूट्रॉन क्या है?

निष्कर्ष

दोस्तों आज के इस लेख में हमने बताया कि अधातु किसे कहते हैं? आशा करता हूँ आपको हमारा ये लेख पसंद आया होगा अगर आपको हमारा ये लेख पसंद आया हो हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं धन्यवाद ।

 

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