मोल क्या है इसकी परिभाषा, उदहारण, सूत्र, अवधारणा (Mole in Hindi)

मोल क्या है
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हेल्लो दोस्तों हमारे आज के इस आर्टिकल मोल क्या है? में आपका स्वागत है इस आर्टिकल में हम आपको मोल के बारे में विस्तार से बताएँगे। हम आपको इस आर्टिकल में मोल की परिभाषा क्या होती है? और इसके उदाहरण हैं तथा इसके सूत्र के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कराएँगे। इसके साथ ही हम आपको मोल की अवधारणा के बारे में बताएँगे। पिछले आर्टिकल में हमने आपको पॉलिथीन क्या है? पॉलिथीन कितने प्रकार की होती है। पोलिथीन के गुण तथा उपयोग क्या होते हैं तथा पॉलिथीन के दुष्प्रभाव क्या होते हैं? इसके बारे में बताया। आज हम आपको मोल के बारे में महत्पूर्ण जानकारी देने वाले हैं।

मोल क्या होता है? यह एक वहुत ही महत्वपूर्ण टॉपिक है। जो परीक्षा की दृष्टी से भी बहुत ही महत्वपूर्ण है। परीक्षाओं में पूँछ लिया जाता है कि मोल क्या है? मोल की परिभाषा क्या होती है? मोल के उदाहरण लिखिए तथा 1 मोल कितना होता है या 1 मोल कितनी संख्या के बराबर होता है। इस तरह के प्रश्न परीक्षाओं में दीर्घ, लघु या अति लघु उत्तरीय प्रश्न में पूँछ लिए जाते हैं। इन सभी प्रश्नों के उत्तरों को इस आर्टिकल में अच्छे से व आसान सी भाषा में समझाया गया है। इसलिए इस आर्टिकल को अंत तक ध्यान से पढ़ें।

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मोल की परिभाषा

SI पद्धति में पदार्थ की मात्रा का मात्रक मोल होता है। 1 मोल किसी पदार्थ की वह मात्रा है जिसमें उस पदार्थ के कणों की संख्या कार्बन-12 के 12 ग्राम परमाणुओं की संख्या के बराबर हो। कार्बन-12 के 12 ग्राम में परमाणुओं की संख्या = 6.022X1023 होती है जिसे आवोगाद्रो संख्या कहते हैं। 1 मोल किसी पदार्थ (परमाणु या अणु ) की वह मात्रा है हो ग्राम में उसके परमाणु द्रव्यमान अथवा आण्विक द्रव्यमान के बराबर होता है। किसी भी पदार्थ (परमाणु अथवा अणु) के एक मोल में कणों की संख्या 6.022X1023 होती है। जिस प्रकार 1 दर्जन 12 नग के बराबर होता है, 1 सेकड़ा 100 के बराबर होता है उसी प्रकार 1 मोल 6.022X1023 के बराबर होता है।परमाणु, अणु, आयन और छोटे कणों की एक निश्चित संख्या को बताने के लिए हम मोल का उपयोग करते हैं।

मोल की परिभाषा

उदाहरण (मोल क्या है)

1 मोल हाइड्रोजन = 6.02X 1023 हाइड्रोजन परमाणु  =1 ग्राम हाइड्रोजन

1 मोल H2 = 6.022X1023 H2 अणु = 2 ग्राम H2

1 मोल ऑक्सीजन  = 6.022X1023 ऑक्सीजन परमाणु = 16 ग्राम O

1 मोल O2 = 6.022X1023 O2 अणु = 32 ग्राम O2

1 मोल H2O = 6.022X1023  H2O अणु  = 18 ग्राम H2O

1 मोल सल्फर = 6.022X1023 सल्फर अणु = 32 ग्राम सल्फर

1 मोल H2SO4 = 6.022X1023 H2SO4 अणु  = 98 ग्राम H2SO4

प्रश्न- 1 मोल CO2 में कितने अणु है?

उत्तर- 1 मोल CO2 में 6.022X1023 अणु हैं।

प्रश्न- 2 मोल COमें कितने अणु होते हैं?

उत्तर- 2 मोल CO2 में 2X6.022X1023= 12.044X1023 अणु होते हैं।

प्रश्न- 1 मोल हाइड्रोजन में हाइड्रोजन के कितने परमाणु होते हैं?

उत्तर- 1 मोल हाइड्रोजन में हाइड्रोजन के 6.022X1023 परमाणु  होते हैं।

प्रश्न- 1 मोल ऑक्सीजन में कितने ऑक्सीजन परमाणु होते हैं?

उत्तर- 1 मोल ऑक्सीजन में  6.022X1023 ऑक्सीजन परमाणु होते हैं।

प्रश्न- 1 मोल H2O में H2O के कितने अणु होते हैं?

उत्तर- 1 मोल H2O में 6.022X1023 H2O अणु होते हैं।

प्रश्न- 1 मोल H कितने ग्राम होता है?

उत्तर- 1 मोल H 1gm होता है।

प्रश्न- 1 मोल Hकितने ग्राम होता है?

उत्तर- 1 मोल H 2 ग्राम होता है।

प्रश्न- 1 मोल O कितने ग्राम होता है?

उत्तर- 1 मोले O 16 ग्राम होता है।

प्रश्न- 1 मोल Oकितने ग्राम होता है?

उत्तर- 1 मोल O2 32 ग्राम होता है।

प्रश्न- 1 मोल सल्फर कितने ग्राम होता है?

उत्तर- 1 मोल सल्फर 32 ग्राम होता है।

प्रश्न- 36 ग्राम H2O में H2O के कितने मोल हैं?

उत्तर-  36 ग्राम H2O में H2O के 2 मोल हैं।

प्रश्न- 36 ग्राम जल में जल के कितने अणु होंगे?

उत्तर- 36 ग्राम जल में जल के 12.04X1023 अणु होंगे।

प्रश्न- 12.04X1023 H2O अणुओं से जल के कितने मोल बनेगे?

उत्तर- 12.04X1023 H2O अणुओं से जल के 2 मोल बनेगे?

मोल के सूत्र (मोल क्या है?)

1. n = w/m

w = ग्राम में लिया गया द्रव्यमान

m = परमाणु का परमाणु भार या अणु का अनुभार

मोल = द्रव्यमान(ग्राम)/अनुभार 

2. N = n x NA

n = कणों की संख्या

NA = आवगाद्रो संख्या

3. n = V STP/22.4

V STP = गैस का आयतन सामान्य ताप एवं दाब पर या मानक ताप, दब पर

4 .एक परमाणु का भार = परमाणु भार/आवोगाद्रो संख्या (6.022X1023)

5. एक अनुभार का भार = अणुभार/6.022X1023

प्रश्न- 80 ग्राम NaOH की मोलो की संख्या ज्ञात कीजिए?

उत्तर-  n=?   w=80

NaOH = 23+16+1 = 40

n = w/m  = 80/40  = 2

n = 2 mole

प्रश्न- SO2 के 0.064 ग्राम में अणुओं की गढ़ना कीजिए?

उत्तर- 1 मोल SO2 64ग्राम SO2 अणु =64 ग्राम SO2

64 ग्राम SO=6.022X1023ग्राम SO2 अणु

1 ग्राम SO=6.022X1023/64 SO2 अणु

0.064 ग्राम SO= 6.022X1023/64 X 0.064 SO2 अणु

=6.02X1020SO2 अणु

प्रश्न- हीलियम का भार 4 है अतः 1 ग्राम हीलियम में परमाणुओं की संख्या क्या होगी?

उत्तर- 1 मोल हीलियम = 6.022X1023 हीलियम परमाणु = 4 ग्राम हीलियम

4 ग्राम हीलियम = 6.022X1023 हीलियम परमाणु`

1 ग्राम हीलियम = 6.022X1023/4 हीलियम परमाणु`

प्रश्न- CO के 1 अणु का भार क्या होगा?

उत्तर- 1 मोल CO = 6.022X1023 CO अणु =28 ग्राम CO

6.022X1023 CO अणु =28 ग्राम CO

1 अणु = 28/6.022X1023 ग्राम

प्रश्न- 88 ग्राम CO2 में अणुओं की सख्या कितनी होती है?

उत्तर- C का परमाणु द्रव्यमान = 12

Oका परमाणु द्रव्यमान = 16 X 2 =32

COका द्रव्यमान = 12 + 32 = 44

मोलो की संख्या (n)= w/m = 88/44 = 2 मोल = 2X6.022X1023

  अणुओं की सख्या =12.044X1023

प्रश्न- 50 ग्राम NaOH में मोलो की संख्या ज्ञात कीजिए

उत्तर- NaOH के मोलो की संख्या(n) = भार/अणुभार

NaOH का अनुभार = 23 +16 +1 = 40

n = 50/40 = 1.25

मोल अवधारणा

जब हम H2 तथा O2 की अभिक्रिया का उदाहरण लेते हैं जिसमे जल बनता है। किसी पदार्थ की मात्रा उसके द्रव्यमान या परमाणुओं की संख्या से ज्ञात कर सकते हैं।

2H2 + O2 ——–> 2H2O

4    +   32   =     36

रासायनिक समीकरण में पदार्थ की मात्रा को द्रव्यमान में लिखने से आसान तरीका परमाणु तथा अणुओं की संख्या लिखने में था। यहीं  से मोल संकल्पना की शुरुआत हुई।

मोल संकल्पना

मोलर द्रव्यमान

मोल क्या है इसे जानने के लिए मोलर द्रव्यमान का जानना भी जरूरी होता है। किसी तत्व के परमाणुओं के एक मोल के द्रव्यमान को मोलर द्रव्यमान कहते हैं। अथवा किसी अणु के ग्राम अणु द्रव्यमान या मोलर द्रव्यमान को प्राप्त करने के लिए हम उसके संख्यात्मक मान जो उसके मोलर द्रव्यमान के बराबर होता है को वहीँ रखते हैं। लेकिन इकाई को u से g में परिवर्तित करना होता है।

उदाहरण- जल (H2O) का मोलर द्रव्यमान 18 u होता है यहाँ से हमें यह पता चलता है कि 18 u जल में केवल जल का एक अणु होता है। और 18 g जल में जल के 1 मोल अणु होते हैं। अर्थात उसमें 6.022X1023 अणु होते हैं।

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निष्कर्ष

दोस्तों हमने आपको इस आर्टिकल में विस्तार के साथ बताया है कि मोल क्या है? इसकी परिभाषा क्या है? इसके उदाहरण कौन कौन से हैं? तथा हमने आज के इस आर्टिकल में मोल के सूत्र और मोल की संकल्पना को भी विस्तार के साथ बताया है। यह टॉपिक परीक्षा की दृष्टी से बहुत ही मत्वपूर्ण है। इसलिए हमने आपके लिए इस टॉपिक की जानकारी देना महत्वपूर्ण समझा और आपके लिए मोल को एक सरल व आसान अंदाज में समझाने का प्रयास किया है। इसी तरह की और भी महत्वपूर्ण टॉपिक की जानकारी पाने के लिए जुड़े रहिए हमारी हिंदी केमिस्ट्री की वेवसाइट के साथ तब तक के लिए धन्यवाद।

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