मेंडलीफ की आवर्त सारणी क्या है? इसके नियम, समूह, गुण एवं दोष

मेंडलीफ की आवर्त सारणी क्या है
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दोस्तों आवर्त सारणी का नाम विज्ञान वर्ग के छात्रों ने जरूर ही सुना होगा। नमस्कार दोस्तों हमारी हिंदी केमिस्ट्री की इस वेबसाइट पर आपका एक बार फिर से स्वागत है। आज हम आपको मेंडलीफ की आवर्त सारणी के बारे में बहुत विस्तार से बातें बताएंगे। आवर्त सारणी एक ऐसा आधार है जिससे हम तत्व को आसानी से वर्गीकृत करके उनके गुणों के बारे में पढ़ सकते हैं और उन्हें आसान तरीके से याद भी रख सकते हैं। इस लेख में हमने बहुत मुख्य चीजों को और सरल भाषा में समझाने का प्रयास किया है।

मुख्य काम जिन प्रश्नों की बात करने वाले हैं वह कुछ इस प्रकार होंगे कि मेंडलीफ की आवर्त सारणी के दो गुण लिखिए, मेंडलीफ की आवर्त सारणी के गुण एवं दोषों की व्याख्या भी कीजिए। समानता परीक्षा में यह प्रश्न पूछा जाता है कि इसकी आवर्त सारणी में कितने समूह हैं। इन सभी मुख्य प्रश्नों को जानने के लिए हमारे इसलिए को अंत तक जरूर पढ़ें ताकि आपको आज का यह लेख पूरी तरह से समझ में आ जाए। तो चलिए शुरू करते हैं आज का यह लेख।

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मेंडलीफ की आवर्त सारणी क्या है?

दोस्तों वैज्ञानिक मेंडलीफ ने सन 1869 में तत्वों के वर्गीकरण करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास किया। उन्होंने तत्वों का वर्गीकरण करके एक सारणी तैयार की जिसे Mendeleef Ki Avart Sarni कहते हैं। मेंडलीफ जब तत्वों के गुणों के बारे में अध्ययन कर रहे थे तो इन्होंने पाया की तत्वों के भौतिक और रासायनिक गुण परमाणु भार के आवर्ती फलन होते हैं। अर्थात तत्वों को जब परमाणु भार के बढ़ते क्रम में रखा जाता है तो एक निश्चित अवधि के बाद कोई दूसरा तत्व पहले तत्व के गुणों को प्रदर्शित करता है। इसी सिद्धांत को आधार मानते हुए वैज्ञानिक मेंडलीफ में ज्ञात तत्वों की एक आवर्त रसायनिक सारणी तैयार कर दी।

मेंडलीफ की आवर्त सारणी का नियम

इस नियम अनुसार तत्वों के भौतिक तथा रासायनिक गुण उनके परमाणु भारों के आवर्तफलन होते हैं। इसी नियम पर मेंडलीफ ने पूरी आवर्त सारणी को तैयार किया और आवर्त सारणी के जनक कहलाये, और पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हो गए।

मेंडलीफ आवर्त सारणी की संरचना

जब मेंडलीफ आवर्त सारणी तैयार कर रहे थे उस समय कुल 63 तत्व की खोज की जा चुकी थी आता है उन्होंने अपनी आवर्त सारणी में 63 तत्वों का वर्गीकरण ही किया था। परंतु इनकी आवर्त सारणी में कई रिक्त स्थान छोड़ दिए गए जैसे कि भविष्य में खोज होने वाले तत्वों को उनकी सही जगह पर रखा जा सके।

मेंडलीफ की आवर्त सारणी में 12 क्षैतिज लाइनें थी, इनको श्रेणी कहा गया। इन श्रेणियों को 7 क्षैतिज स्तंभों तथा 8 खड़ी पंक्तियों में विभाजित किया गया, जिन्हें समूह या group कहा गया। इन्होंने एक समूह में उन तत्वों को रखा जिन की संयोजकता समान होती है।

mendeleef ki avart sarniमेंडलीफ की आवर्त सारणी  के गुण और दोष

चलिए दोस्तों अब हम आवर्त सारणी के कुछ विशेषताओं और दोषों के बारे में बात कर लेते हैं कि आखिर क्यों यह आवर्त सारणी वर्तमान समय में कारगर साबित ना हो सकी और ऐसी कौन सी विशेषताएं थी इसमें जिन्होंने आज के वर्तमान सारणी बनाने में बहुत सहायता की।

आवर्त सारणी के दोष

मेंडलीफ की आवर्त सारणी समस्थानिक (एक ही तत्व के वे रूप जिनके परमाणु क्रमांक तो समान होते हैं परंतु परमाणु भार भिन्न होते हैं) के बारे में व्याख्या नहीं कर पाई और ना ही उन्हें आवर्त सारणी में कहीं स्थान दिया गया। विभिन्न तत्वों के समस्थानिकओं के परमाणु भार अलग अलग होते हैं, परंतु मेंडलीफ की आवर्त सारणी में उसे कोई भी स्थान नहीं दिया गया था।

  • इनकी आवर्त सारणी में देखा गया कि कुछ तत्वों के परमाणु भार अधिक थे परंतु उन्हें कम परमाणु भार वाले तत्वों से पहले रख दिया गया। उदाहरण के लिए जैसे कि आर्गन का परमाणु भार 40 होता है, पोटेशियम का परमाणु भार 39 से पहले ही रख दिया गया। एक अन्य उदाहरण कोबाल्ट (58.9) को निकल (58.6) से पहले रख दिया गया।
  • इस सारणी में हाइड्रोजन का कोई एक निश्चित स्थान नहीं था और ना ही धातु और अधातु को अलग-अलग स्थान दिया गया था जिससे कि हुआ यह कि धातु और अधातु के गुणों को समझने में कठिनाई हो रही थी।
  • इन्होंने लैंथेनाइड और एक्टिनाइड तत्वों के गुणों की व्याख्या सामान्य तत्व के गुणों के साथ करने में असमर्थ रहे।

आवर्त सारणी के गुण

  • इनकी table की सबसे खास विशेषता यह थी कि उन्होंने भविष्य में खोजे जाने वाले तत्वों के लिए आवर्त सारणी में रिक्त स्थान छोड़ दिया था। इन्होंने यह भविष्यवाणी भी कर दी थी कि रिक्त स्थानों में अवश्य इस परमाणु भार वाले तत्व आएंगे। और भविष्य में हुआ भी कुछ हुआ भी ऐसा की मेंडलीफ की बात सच हो गयी और खोजे गए अन्य तत्व Mendlif Ki Avart Sarni में दिए गए रिक्त स्थान अनुसार आसानी से रखे जा सके।
  • इस आवर्त सारणी की सहायता से कुछ तत्वों के परमाणु भार ओं को सुधारने में काफी सहायता मिली जैसे कि पहले यूरेनियम का परमाणु भार 120 माना जाता था बाद में इस मान को संशोधित करके 240 कर दिया गया।

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मेंडलीफ आवर्त सारणी और आधुनिक आवर्त सारणी में अंतर

mendlif ki avart sarni

मेंडलीफ की आवर्त सारणी आधुनिक आवर्त सारणी
इस आवर सारणी में तत्वों को परमाणु भार के आधार पर वर्गीकृत किया गया। आधुनिक आवर्त सारणी में elements का वर्गीकरण परमाणु क्रमांक के base पर किया गया
मेंडलीफ आवर्त सारणी (Mendeleef Ki Avart Sarni) में 8 ऊर्ध्वाधर समूह हैं जिनमें सातवां वर्ग दो वर्गों में विभाजित है आधुनिक आवर्त सारणी में कुल 18 ऊर्ध्वाधर स्तंभ दिए गए हैं
पुरानी आवर्त सारणी में वर्गों को ए और बी एफ वर्गों में बांट दिया गया आवर्त सारणी में सभी वर्गों को अलग-अलग दिया गया
Mendlif Ki Avart Sarni में लैंथेनाइड और एक्टिनाइड तत्वों को अलग स्थान नहीं दिया गया था इस आवर्त सारणी में इन तत्वों को अलग स्थान दिया गया

निष्कर्ष

हमारा आज का यह लेख आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण स्वागत हुआ होगा क्योंकि आज हमने आपको बताया कि मेंडलीफ आवर्त सारणी किस प्रकार बनाई गई, और उसके गुण एवं दोष क्या थे साथ ही हमने आधुनिक आवर्त सारणी के साथ भी इसको तुलनात्मक रूप से बताया। अरे आपको हमारा यह लेख पसंद आया हो तो आप इसे अपने और दोस्तों में शेयर कर सकते हैं। बहुत जल्द मिलेंगे एक नए लेख के साथ।

 

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