कार्बन डाइऑक्साइड क्या है इसके उपयोग, नुकसान, बनाने की विधि और सूत्र

कार्बन डाइऑक्साइड क्या है
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नमस्कार साथियों हमारी केमिस्ट्री की इस वेबसाइट पर आपका बहुत स्वागत है। आज हम आपको बताएंगे कि कार्बन डाइऑक्साइड क्या है। इस का नाम सभी लोगों ने सुना होगा। चाहे आप विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी रहे हो या किसी अन्य वर्ग के, इसके बारे में मुख्यता सभी लोग जानते हैं। फिर भी अगर आपको नहीं पता तो हमारा यह लेख कार्बन डाइऑक्साइड के बारे में आज आपको बहुत कुछ जानकारी देने वाला है। क्या आप जानते हैं कि यही एक एकमात्र गैस है जिससे पौधे अपना भोजन बना पाते हैं। और भी रोचक तथ्य पढ़ने के लिए हमारे इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

आज के कुछ मुख्य प्रश्नों जैसे कि कार्बन डाइऑक्साइड क्या है, कार्बन डाइऑक्साइड का नुकसान क्या है और कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग क्या है, बोर्ड की परीक्षा में आपसे यह भी पूछा जाता है कि कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनाने की विधि बताइए। कार्बन डाइऑक्साइड का सूत्र और कार्बन डाइऑक्साइड के गुण के बारे में भी हम आपको विस्तार से बताएंगे। आप शायद यह नहीं जानते होंगे कि कार्बन डाइऑक्साइड की खोज किसने की थी। जानने के लिए आर्टिकल को पढ़ते रहे।

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कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon Dioxide- CO2)

यह एक गैस है जिसका उपयोग करके पौधे अपना भोजन बनाते हैं। हमारे वायुमंडल में पाई जाने वाली कुल गैसों का 0.03 प्रतिशत मात्रा कार्बन डाइऑक्साइड गैस का है। यह गैस जंतुओं के द्वारा स्वसन क्रिया में बाहर छोड़ी जाती है। कार्बन डाइऑक्साइड का सूत्र CO2 होता है। जिसमें एक कार्बन परमाणु और दो ऑक्सीजन परमाणु मिलकर कार्बन डाइऑक्साइड गैस के अणु का निर्माण करते हैं। यह गैस ग्रीनहाउस इफेक्ट के लिए बहुत जिम्मेदार है जो आपको हम अगले चरणों में व्याख्या करने वाले हैं। इसके अलावा प्रकाश संश्लेषण और किण्वन जैसी अन्य क्रियाओं में भी CO2 गैस अपनी अहम भूमिका निभाती है। कार्बन डाइऑक्साइड गैस की खोज एक रसायन वैज्ञानिक जोसेफ ब्लैक ने सन 1754 में 11 जून को की थी।

कार्बन डाइऑक्साइड का सूत्र = CO2

कार्बन डाइऑक्साइड के गुण

यह एक रंगहीन और अम्लीय गैस होती है जिसका घनत्व वातावरण में उपस्थित अन्य गैसों की तुलना में 53% तक ज्यादा होता है। इस गैस का मोलर द्रव्यमान 44 ग्राम प्रति मोल होता है। 25 डिग्री सेल्सियस तापमान पर इस गैस की घुलनशीलता 1.45 ग्राम/लीटर होती है।

कार्बन डाइऑक्साइड के गुण

कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनाने की विधि

हम अब आपको कार्बन डाइऑक्साइड बनाने की कुछ मुख्य विधियों के बारे में बताएंगे। यहां प्राकृतिक विधि, प्रयोगशाला विधि और औद्योगिक विधि के प्रकारों का वर्णन विस्तार से किया गया है।

प्राकृतिक विधि द्वारा इस गैस का निर्माण

यह गैस खान और गुफाओं में पाया जाता है। विभिन्न प्रकार के खनिज जैसे कि डोलोमाइट, चुना पत्थर, मग्रेसाइट आदि के रूप में पाई जाती है। इस गैस को इन खनिजों और खदानों से बाहर निकाल कर एक सुरक्षित जगह संग्रहित कर लेते हैं।

प्राकृतिक रूप से कार्बन डाइऑक्साइड बनाने के लिए किण्वन की क्रिया का इस्तेमाल भी किया जाता है। इस प्रक्रिया में कुछ फलों जैसे कि अंगूर का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा आलू का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इन शर्करा युक्त पदार्थों को बहुत समय तक जब संग्रहित कर के रख दिया जाता है तो कुछ बैक्टीरिया के द्वारा fermentation या किण्वन की क्रिया प्रारंभ हो जाती है। इनसे अल्कोहल, बियर और बाइन जैसे पदार्थों का निर्माण होता है। इस क्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड का उत्पादन भी होता है जिसे संग्रह कर लिया जाता है।

औद्योगिक विधि द्वारा इस गैस का निर्माण

एक बड़े पैमाने पर कार्बन डाइऑक्साइड गैस का निर्माण कैल्शियम कार्बोनेट और एसिड की क्रिया कराके किया जाता है। इस क्रिया में कैल्शियम कार्बोनेट की अभिक्रिया तनु हाइड्रोक्लोरिक एसिड के साथ कराई जाती है तो CO2 गैस का निर्माण होता है साथ में हाइड्रोजन गैस भी निकलती है। क्योंकि यह H2 अर्थात हाइड्रोजन गैस हल्की होती है इसलिए वायुमंडल में उड़ जाती है और वही एकत्र हो जाती है। CO2 को फनल में इकट्ठा कर लिया जाता है। इस प्रक्रिया को आप नीचे दिए गए समीकरण से समझ सकते हैं

CaCO3 +  तनु 2HCl → CaCl2 + CO2↑ + H2

कैल्शियम कार्बोनेट + तनु हाइड्रोक्लोरिक एसिड → कैल्शियम क्लोराइड + कार्बन डाइऑक्साइड + पानी

कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनाने की विधि

कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग

आप सबको पता है कि यह एक बहुत महत्वपूर्ण गैस है। इसके कुछ महत्वपूर्ण प्रयोग भी है जो अब हम अपने आर्टिकल कार्बन डाइऑक्साइड क्या है हमें जानने वाले हैं। कार्बन डाइऑक्साइड के उपयोग निम्न प्रकार हैं –

  • चीनी उद्योग में कार्बन डाइऑक्साइड का प्रयोग बहुत किया जाता है।
  • चूने को अवक्षेपित करने में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
  • इसकी सहायता से सफेद लेड का उत्पादन भी किया जाता है जो कि इसका एक महत्वपूर्ण प्रयोग है।
  • इस कार्बन डाइऑक्साइड की सहायता से मजबूत इस्पात का निर्माण किया जाता है।
  • कोल्ड ड्रिंक आदि में CO2 गैस को अधिक दाब पर भर कर रखा जाता है।
  • आग बुझाने के रूप में अग्निशामक के तौर पर इसका इस्तेमाल किया जाता है।

कार्बन डाइऑक्साइड गैस का नुकसान

कुछ उपयोगिता होने के साथ-साथ इस गैस के काफी दुष्परिणाम है। इस गैस के अधिक प्रभाव में रहने के कारण आपको चक्कर आने की समस्या, सिर दर्द, थकान और पसीने जैसी शिकायत हो सकती है। इसके अलावा त्वचा और आंखों पर जलन और कानों के बजने की शिकायत भी देखने को मिलती है।

यह गैस वायुमंडल में काफी प्रदूषण करती है जिससे विभिन्न प्रकार के सांस से संबंधित रोग हो जाते हैं। जिससे हमारे हृदय और फेफड़े पर काफी प्रभाव पड़ता है। गर्भवती महिला अधिकार बन डाइऑक्साइड गैस के अधिक एक्सपोजर में थोड़े समय पहले तो उसके पेट में पल रहे बच्चे पर भी इसका असर बहुत पड़ता है।

ग्रीन हाउस इफेक्ट क्या है?

यह एक ऐसा प्रभाव है जो भूमंडल के उष्मीकरण के लिए जिम्मेदार है। इसी प्रक्रिया के कारण पृथ्वी पर जीवन संभव है। परंतु जब यह क्रिया अपने सामान्य स्तर से अधिक होने लगे तब यह मानव जीवन के लिए खतरा भी बन सकती है। कुछ गैसें इस क्रिया के लिए उत्तरदाई है जिनमें सबसे ज्यादा उत्तरदाई गैस कार्बन डाइऑक्साइड मानी जाती है।
इसके बारे में और अधिक जानकारी के लिए आप हमारे नीचे का आर्टिकल पढ़ सकते हैं।

ग्रीन हाउस प्रभाव किसे कहते हैं?

निष्कर्ष

हमने अपने आज के इस लेख में आपको विस्तार से बताया कि कार्बन डाइऑक्साइड क्या है? इसके साथ ही हमने बताया की कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग और नुकसान तथा गुण क्या है। यदि आपको हमारा यह लेख पसंद आया हो तो आप इसे अपने दोस्तों में शेयर कर सकते हैं। दोस्तों बहुत जल्द मिलेंगे एक नए आर्टिकल के साथ, तब तक के लिए नमस्कार।

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