इटार्ड अभिक्रिया क्या है? परिभाषा, उदाहरण तथा समीकरण

इटार्ड अभिक्रिया क्या है
3.5/5 - (14 votes)

दोस्तों स्वागत है आपका हमारी हिंदी केमिस्ट्री की इस वेबसाइट पर। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इटार्ड अभिक्रिया क्या है? इटार्ड अभिक्रिया की परिभाषा क्या होती है? इटार्ड अभिक्रिया की समीकरण क्या होती है तथा इटार्ड अभिक्रिया के उपयोग क्या होते हैं? तथा इटार्ड अभिक्रिया की क्या सीमाएं हैं? इसके बारे में विस्तार के साथ बताएँगे। यह एक महत्वपूर्ण टॉपिक है। इस टॉपिक से सम्बंधित प्रश्न परीक्षाओं में पूछ लिए जाते हैं। इसलिए इस टॉपिक के बारे में केमिस्ट्री के सभी स्टूडेंट्स को पता होना चाहिए। इटार्ड अभिक्रिया क्या है? इसके बारे में हम नीचे के लेख में विस्तार के साथ जानेंगे।

पिछले आर्टिकल में हमने आपको 118 तत्वों के नाम के बारे में विस्तार के साथ बताया है। यह एक महत्वपूर्ण टॉपिक है। इस टॉपिक के बारे में केमिस्ट्री के सभी स्टूडेंट्स को पता होना अनिवार्य है। यदि आपने अभी तक इस टॉपिक को नहीं पढ़ा है तो आप हमारी हिंदी केमिस्ट्री की वेबसाइट से इस टॉपिक को पढ़ सकते हैं। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इटार्ड अभिक्रिया क्या है? इटार्ड अभिक्रिया की परिभाषा क्या होती है? इटार्ड अभिक्रिया की समीकरण क्या होती है तथा इटार्ड अभिक्रिया के उदाहरण क्या होते हैं? इसके बारे में विस्तार के साथ बताने वाले हैं। इटार्ड अभिक्रिया क्या है? इसके बारे में जानने के लिए इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें। ताकि यह लेख आपको अच्छे से समझ आ सके।

कार्बनिक रसायन किसे कहते हैं?

इटार्ड अभिक्रिया की परिभाषा

जब तलुइन C6H5CHका ऑक्सीकरण क्रोमिल क्लोराइड (CS2) या CrO2Cl2 व जल से किया जाता है तो बेंजेल्डिहाइड (C6H5CHO) बनता है। इस अभिक्रिया को इटार्ड अभिक्रिया कहते हैं।  इटार्ड अभिक्रिया एक महत्वपूर्ण रासायनिक प्रतिक्रिया है। इटार्ड अभिक्रिया एक ऐसा तरीका प्रदान करती है जिससे मेथाइल समूह का ऑक्सीकरण हो जाता है। यह अभिक्रिया रासायन विज्ञान में उत्प्रेरक के रूप में क्रोमाइल क्लोराइड की उपस्थिति में एक सुगन्धित, मिथाइल समूह को एक प्रकार के एल्डिहाइड में परिवर्तित करती है। अर्थात हम कह सकते हैं। यह एल्डिहाइड समूह में मिथाइल समूह के ऑक्सीकरण को विना एसिड समूह के रोकता है।

इटार्ड अभिक्रिया वेंजिल्डिहाइड के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण अभिक्रिया है। फ्रांसीसी वैज्ञानिक एलेक्जेंडर लियोंन एटार्ड के नाम पर इस अभिक्रिया का नाम एटार्ड अभिक्रिया पढ़ा। यह एक ऑक्सीकरण अभिक्रिया है। इसमें क्रोमाइल क्लोराइड का उपयोग होता है। जो एक एजेंट के रूप में मिथाइल समूह या मिथाइल समूह हेट्रोसाइक्लिक रिंगो के द्वारा जुड़े होते हैं। इटार्ड अभिक्रिया का प्रयोग करके इन्हें एल्डिहाइड में ऑक्सिकृत किया जाता है। इस अभिक्रिया की समय सीमा कुछ दिनों या सप्ताह तक हो सकती है।

C6H5CH+ 2[O] __CrO2Cl2____> C6H5OH + H2O

इटार्ड अभिक्रिया की परिभाषा

इटार्ड अभिक्रिया की समीकरण

इससे ऊपर के लेख में हमने आपको इटार्ड अभिक्रिया की परिभाषा क्या होती है? इसके बारे में बताया है। अब हम आपको इटार्ड अभिक्रिया की समीकरण के बारे में विस्तार के साथ बताते हैं। इटार्ड अभिक्रिया की रासायनिक समीकरण को हम निम्न प्रकार समझ सकते हैं।इटार्ड अभिक्रिया का अपघटन सोडियम सल्फाइड की उपस्थिति में जल के साथ होता है। यह पूरी अभिक्रिया कार्बन टेट्रा क्लोराइड में होती है। जो एक विलायक की तरह व्यवहार करता है। इटार्ड अभिक्रिया की समीकरण को हम निम्न प्रकार से प्रदर्शित कर सकते हैं।

C6H5CH3 + 2CrO2Cl2 + CS2 ________> C6H5CH(OCrCl2OH)2 ________> C6H5CHO

इटार्ड अभिक्रिया के उपयोग

ऊपर के लेख में हमने आपको इटार्ड अभिक्रिया की परिभाषा क्या होती है? इसके बारे में बताया है। अब हम आपको इटार्ड अभिक्रिया के उपयोग के बारे में बताते हैं। इटार्ड अभिक्रिया कार्बनिक रासायन विज्ञान में सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली रासायनिक प्रतिक्रिया में से है। इटार्ड अभिकर्मक कार्बनिक रासायनिक अभिक्रियाओं में बहुत अधिक मात्रा में प्रयोग किया जाता है। इटार्ड अभिक्रिया के आवश्यक उपयोग निम्न प्रकार हैं।

  • इटार्ड अभिक्रिया टालुइन से बेंजेल्डिहाइड के निर्माण के लिए आसान विधि प्रदान करती है।
  • खाद्य पदार्थों में बादाम का स्वाद प्रदान करने के लिए बेंजेल्डिहाइड का उपयोग किया जाता है।
  • बेंजेल्डिहाइड का उपयोग रंजक और इत्र बनाने में कई उद्योगों में किया जाता है।
  • इटार्ड अभिक्रिया के द्वारा बनाए सुगन्धित बेंजेल्डिहाइड का उपयोग भी दवा के रूप में काम करता है।

इटार्ड अभिक्रिया की सीमाएं

आंशिक रूप से बेन्जेल्डिहाइड में टोल्यूनि को ऑक्सीकृत करने के लिए उपयोग की जाने वाली विधियों में से एक एटार्ड प्रतिक्रिया है। किसी अन्य रासायनिक अभिक्रिया की तरह इटार्ड अभिक्रिया की भी कुछ सीमाएं हैं जो इस प्रकार हैं।

  1. क्रोमिल क्लोराइड के अलावा दूसरे ठोस ऑक्सीकरण अभिक्रमाकों की उपस्थिति में एल्डिहाइड पदार्थ के बजाए अन्य सुगन्धित यौगिकों से अधिक स्थिर कर्बोक्जिलीक एसिड निकलेंगे। इस अभिक्रिया में किसी अन्य ऑक्सीकरण अभिकर्मक का उपयोग नहीं किया
    जा सकता है।
  2. टालुइन के अलावा अन्य सुगन्धित वलय आवश्यक एल्डिहाइड जल्दी नहीं बना सकते हैं।

इटार्ड अभिक्रिया की सीमाएं

पूछे गए प्रश्न (FAQs)

प्रश्न- एटर्ड अभिक्रिया में CS2 का क्या उपयोग है?

उत्तर- इटार्ड अभिक्रिया में CS2 एक गैर धुर्वीय विलायक होता है इसलिए इसका उपयोग इस अभिक्रिया में विलायक के रूप में किया जाता है। इसके अलावा दूसरे साल्वेंट जिनका उपयोग इस अभिक्रिया में किया जाता है। वे क्लोरोफोर्म और कार्बन टेट्रा क्लोराइड हैं।

प्रश्न- इटार्ड प्रतिक्रिया का तंत्र क्या है?

उत्तर- यह प्रतिक्रिया एक एल्केन एलिलिक हाइड्रोजन प्रतिक्रिया के साथ क्रोमाइल क्लोराइड के साथ शुरू होती है। इसके द्वारा इटार्ड नामक अवक्षेप प्राप्त होता है।

प्रश्न- ईटर्ड अभिक्रिया से बेंजाल्डिहाइड कैसे प्राप्त होता है?

उत्तर- टोल्यूनि तथा क्रोमाइल क्लोराइड और कार्बन टेट्राक्लोराइड की उपस्थिति ऑक्सीकरण प्रतिक्रिया होती है जिसके परिणामस्वरूप बेंजाल्डिहाइड बनता है।

प्रोपेन का रासायनिक सूत्र क्या है?

निष्कर्ष

आज के इस आर्टिकल में हमने आपको इटार्ड अभिक्रिया क्या है? इटार्ड अभिक्रिया की परिभाषा क्या होती है? इटार्ड अभिक्रिया की समीकरण क्या होती है? इसके बारे में विस्तार के साथ बताया है। इसके साथ साथ हमने आपको इटार्ड अभिक्रिया के उपयोग क्या क्या होते हैं तथा इटार्ड अभिक्रिया की सीमाएं क्या होती हैं। इसके बारे में विस्तार के साथ बताया है। यह एक महत्वपूर्ण टॉपिक है इस टॉपिक के बारे में केमिस्ट्री के सभी छात्रों को पता होना चाहिए। आशा करता हूँ आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा। इसी प्रकार के अन्य महत्वपूर्ण टॉपिक की जानकारी हम अपनी इस वेबसाइट पर देते रहते हैं। इसी प्रकार की अन्य महत्वपूर्ण जानकारी पाने के लिए जुड़े रहिए हिंदी केमिस्ट्री की इस वेबसाइट के साथ तब तक के लिए धन्यवाद।

SOCIAL SHARE

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *