हुंड का नियम क्या है उदाहरण सहित लिखिए (Hund’s Rule in Hindi)

हुंड का नियम
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हेलो दोस्तों कैसे हैं आप सब लोग? उम्मीद करता हूं आप सब लोग स्वस्थ होंगे और हमारे इस वेबसाइट hindichemistry को निरंतर पढ़ रहे होंगे। एक बार फिर स्वागत है आपका हमारे केमिस्ट्री के एक नए आर्टिकल हुंड के नियम में। इलेक्ट्रॉनों के परमाणु कक्षाओं में भरने के कई नियम दिए गए हैं जिनमें हुंड के नियम की भी काफी में महत्ता है। इससे पहले के आर्टिकल में आपने पाउली का अपवर्जन सिद्धांत और आफबाऊ के नियम को जाना था। उसी का अगला भाग यह लेख है। तो चलिए अब यह जान लेते हैं कि आज के इस लेख में आप क्या-क्या जानने वाले हैं।

आज हम आपको कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं जैसे कि हुंड का नियम (in Hindi), हुंड का नियम क्या है, हुंड का नियम उदाहरण सहित लिखिए, अर्ध पूरित तथा पूर्ण रूप से भरे कक्षकों का स्थायित्व की व्याख्या, Hund’s rules in Hindi आदि। बोर्ड परीक्षाओं की दृष्टि से तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से यह प्रश्न बहुत महत्वपूर्ण है भारत में होने वाली मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा में इनसे संबंधित बहुत से प्रश्न पूछे जाते हैं। पता छात्रों से निवेदन है कि हमारे इस Chemistry के नए लेख को last तक गहनता से जरूर पढ़ें।

हुंड का नियम क्या है और इसे किसने दिया?

इस नियम के अनुसार एक समान ऊर्जा के किन्ही कक्षको में इलेक्ट्रॉन पहले एक-एक करके भरे जाते हैं। जब सभी कक्षको में इलेक्ट्रॉन एक-एक करके भर जाते हैं उसके बाद ही उन electrons के pair बनाना शुरू होते हैं। युग्मित हुए इलेक्ट्रॉन विपरीत spin अर्थात चक्करण वाले होते हैं। इस नियम को वैज्ञानिक फ्रेडरिक हुंड ने दिया था जिस कारण ही इसे हुंड का नियम कहा जाता है।

हुंड के नियम की परिभाषा 

वैज्ञानिक फ्रेडरिक हुंड के इस नियम को हुंड की अधिकतम बहुलता का नियम भी कहते हैं। इस नियम की परिभाषा निम्नलिखित है –
किसी उपकक्ष के विभिन्न orbitals में इलेक्ट्रॉन को भरते समय वे अयुग्मित (unpaired) रहना पसंद करते हैं। और समान Spin में रहना चाहते हैं। इलेक्ट्रॉन का युग्मन तभी प्रारंभ होता है जब सभी कक्षको में एकल इलेक्ट्रॉन भर दिए जाते हैं। इस नियम की महत्वता इसलिए है क्योंकि इसके द्वारा क्रोमियम (Cr) और कॉपर (Cu) परमाणुओं के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास की व्याख्या बहुत आसानी से की जा सकती है जिस दृष्टि से hund ka niyam बहुत महत्वपूर्ण साबित हुआ।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हुंड के नियम अनुसार s कक्षक में एक इलेक्ट्रॉन, p कक्षक में 3 इलेक्ट्रॉन, d कक्षक में 5 इलेक्ट्रॉन और f कक्षक में 7 electron भरने के बाद ही युग्मन शुरू होता है।

हुंड का नियम

पाउली अपवर्जन सिद्धांत क्या है?

वैज्ञानिक फ्रेडरिक हुंड कौन थे?

वैज्ञानिक Hund का जन्म 4 फरवरी 1896 को हुआ था। यह एक जर्मन भौतिक शास्त्री थे जो कि परमाणु और अणु पर काम करने के लिए जाने जाते थे। इन्होंने अपने जीवनकाल में बहुत यूनिवर्सिटी में काम किया था जैसे की Rostock, Jena, Leipzig and Gottingen and Frankfurt am Main। अपने गहन शोध के बाद सन 1925 में इन्होंने इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम बहुलता का नियम दिया था। यह नियम परमाणु और परमाणु कक्षक के बारे में बहुत बातों की व्याख्या करता था, जिस कारण हुंड को इसके बाद बहुत प्रसिद्धि मिली। सन् 1943 में इन्हे Max Planck Medal के अवार्ड सम्मानित किया गया। इसके अलावा सन् 1974 में इन्हे Otto Hahn Prize For Chemistry and Physics से भी सम्मानित किया गया। हुंड को Molecular Orbital Theory, Quantum tunneling, Quantum chemistry, Hund’s rule आदि के लिए जाना जाता है।

31 मार्च सन् 1997 में 101 वर्ष की उम्र में यह महान वैज्ञानिक दुनिया को अलविदा कह गया।

अर्ध पूरित तथा पूर्ण रूप से भरे कक्षकों का स्थायित्व

चलिए मित्रों अब हम अपने इस आर्टिकल hund’s rule के अंतर्गत बात कर लेते हैं की अर्ध पूरित अर्थात आधे भरे हुए कक्षको और पूर्ण रूप से भरे हुए कक्षको का स्थायित्व कैसा होता है।

जो कक्षक अर्ध रूप से भरे होते हैं तथा पूर्ण रूप से भरे होते हैं उनका स्थायित्व अन्य कक्षक की तुलना में काफी अधिक होता है। कभी-कभी ऐसा देखा गया है कि कुछ तत्वों के दो उप कोश की ऊर्जा का अंतर काफी कम होता है। जिस कारण क्या होता है कि कम एनर्जी वाले sub shell (उपकोश) से ज्यादा ऊर्जा वाले उपकोश में एक electron transfer हो जाता है। उदाहरण के लिए 4s और 3d। परंतु यह स्थानांतरण तभी सफल हो ता है जब बाद में कक्षक अर्धपुरित या पूर्ण पूरित अवस्था को प्राप्त कर लेते हैं। चूंकि इन अर्धपुरित और पूर्ण पूरित कक्षको में सम्मिता पाई जाती है इसलिए यह अधिक स्थाई होते हैं।इन orbitals में इलेक्ट्रॉन द्वारा possible स्थान विनिमय की मात्रा ज्यादा होती है। जिस कारण इनकी exchange energy maximum होती है और कक्षको का स्थायित्व या stability भी ज्यादा होती है।

S कक्षक में अधिकतम दो इलेक्ट्रॉन आते हैं, p कक्षक में अधिकतम 6 इलेक्ट्रॉन आते हैं। इसी प्रकार d कक्षक में अधिकतम 10 इलेक्ट्रॉन और f कक्षक में अधिकतम 14 इलेक्ट्रॉन आते हैं।

हुंड का नियम

आफबाऊ का नियम क्या है?

Hund’s rule से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न – हुंड का rule किसने दिया?
उत्तर – hund ka rule वैज्ञानिक Friedrich Hund ने दिया था।

प्रश्न – Hund का rule किस सन् में दिया गया?
उत्तर – यह नियम सन् 1925 में दिया गया था।

प्रश्न – इस नियम का दूसरा नाम क्या है
उत्तर – इलेक्ट्रॉन के भरने से सम्बन्धित इस नियम का दूसरा नाम हुंड की अधिकतम बहुलता का नियम है।

निष्कर्ष

उम्मीद करते हैं दोस्तों आज का हमारा यह लेख आपको पूरी तरह से समझ में आया होगा और आप अच्छे से जान पाए होंगे कि हुंड के नियम की क्या विशेषताएं हैं और hund ka niyam कितना महत्वपूर्ण है। कुछ अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न जो आपने आज जाने थे वे कुछ इस प्रकार हैं की हुंड का नियम का उदाहरण, hund ka niyam kise kehte hain, हुंड का नियम क्या है, hund ka niyam in hindi, हुंड का नियम  in hindi आदि।  यदि आपका कोई प्रश्न  लेख से सम्बंधित शेष रह गया हो तो आप हमसे comment section के द्वारा कनेक्ट कर सकते हैं। आप आप को शीघ्र ही उत्तर देने का प्रयास करेंगे। तब के लिए नमस्कार , मिलते हैं  बहुत जल्द एक नए लेख के साथ।

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