संगमरमर का रासायनिक सूत्र क्या है और इसके बनाने की विधि

संगमरमर का रासायनिक सूत्र
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नमस्कार साथियों रसायन विज्ञान की हमारी बेहतरीन वेबसाइट पर आपका एक बार फिर से स्वागत है। हम आज आपको संगमरमर का रासायनिक सूत्र के बारे में जानकारी देंगे। इसके अलावा हम अपनी वेबसाइट पर आपको रसायन विज्ञान से संबंधित बहुत जानकारियां देते रहते हैं। संगमरमर एक ऐसा पत्थर है जो किसी घर की या इमारत की शोभा बढ़ाने में बहुत कारगर साबित होता है। और इससे संबंधित आपके जितने भी जिज्ञासा हैं, हमारा यह लेख पढ़ने के बाद आशा करते हैं कि आपको सभी प्रश्नों का उत्तर मिल जाएगा।

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि संगमरमर कितने प्रकार का होता है, संगमरमर का रासायनिक सूत्र क्या है, Sangmarmar Ka Formula क्या होता है, इसके अलावा इस बात की भी चर्चा करेंगे कि किन किन स्थानों पर कौन-कौन से प्रकार के संगमरमर की अधिकता पाई जाती है। ये कुछ ऐसे मुख्य प्रश्न है जो आपकी जिज्ञासाओं को शांत करने में बहुत सहायता करेंगे। तो बिना किसी देर के चलिए शुरू करते हैं, अपना आज का यह महत्वपूर्ण लेख।

आधुनिक आवर्त सारणी क्या है?

संगमरमर क्या है?

यह संगमरमर एक पत्थर का प्रकार है। जो कि विभिन्न रंगों का होता है। इस का प्रयोग इमारतें बनाने मंदिर बनाने तथा फर्श आदि बनाने में किया जाता है। संगमरमर पत्थर देखने में काफी सुंदर और प्रिय लगता है। संगमरमर को मार्बल (Marble) के नाम से भी जाना जाता है। यह विभिन्न प्रकार के रंगों के बड़े चट्टानों के रूप में हमारी धरती पर मौजूद है, जो प्रायः नीले, काले, हरे, पीले, सफेद लाल व नारंगी एवं अन्य कई विभिन्न प्रकार के रंगों में देखने को मिलता है। मार्बल मार्केट में काफी महंगे दामों में बिकता है। रंगों के हिसाब से भी मार्बल का मूल्य निर्धारित होता है।

संगमरमर का रासायनिक सूत्र क्या है?

हम आपको अब इस का रासायनिक सूत्र बताने जा रहे हैं। Chemical Formula of Marble अर्थात संगमरमर का रासायनिक सूत्र CaCO3 होता है। इसे कैल्शियम कार्बोनेट कहा जाता है। मार्बल में एक कैल्शियम परमाणु एक कार्बन परमाणु और तीन ऑक्सीजन परमाणु मिलकर एक अणु का निर्माण करते हैं। यह कैल्शियम कार्बोनेट चूना पत्थर से कई प्रक्रियाओं के बाद प्राप्त किया जाता है। मार्बल में 99% मात्रा कैल्शियम कार्बोनेट की ही होती है शेष एक परसेंट मात्रा में मुख्य अवयव डाले जाते हैं जिससे कि इसको एक सही आकार दिया जा सके।

संगमरमर का रासायनिक सूत्र = CaCO3

सबसे अधिक संगमरमर इटली में पाया जाता है। इसके अलावा यदि हम अपने देश भारत की बात करें तो मध्य प्रदेश और राजस्थान राज्यों में संगमरमर मार्बल की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है।

संगमरमर के बनाने की विधि

अब बात कर लेते हैं कि आखिर संगमरमर का निर्माण किस प्रकार किया जाता है। संगमरमर का रासायनिक सूत्र तो आपने जान लिया। चूंकि यह एक रोचक विषय है और लगभग सभी छात्रों और व्यक्तियों के मन में यह प्रश्न जरूर उठता होगा की संगमरमर का निर्माण कैसे किया जाता है। संगमरमर निम्न प्रकार प्राप्त होता है-

यह अभिक्रिया कुछ इस प्रकार है कि जब हम जलीय कैल्शियम हाइड्रोक्साइड Aq. Ca(OH)2 की अभिक्रिया कार्बन डाइऑक्साइड (Co2) गैस के साथ कराते हैं तो कैल्शियम कार्बोनेट और जल का निर्माण होता है।

Ca(OH)2 (aq) + CO2 —– CaCO3 + H2O

जैसा कि हमने आपको बताया की संगमरमर का निर्माण चूना पत्थर से हुआ है। बहुत लाखों बरसों पूर्व पृथ्वी के अंदर कैल्शियम कार्बोनेट की अधिकता और उच्च दाब होने के कारण यह मार्बल में बदल गया, इसके पश्चात जब इन पृथ्वी के अंदर बनी चट्टानों की खोज हुई तो मशीन से निकल कर फैक्ट्रियों में लाया गया और अपनी जरूरतों के हिसाब से ढाला गया।

chemical formula of marble

संगमरमर के प्रकार

यह कई प्रकार का होता है और अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग इसके प्रकार पाए जाते हैं। आज हम इसी प्रकार और उनके खनन क्षेत्रों के बारे में आपको विस्तार से बताएंगे। रंगों में बांटने पर संगमरमर के प्रकार निम्न प्रकार है –

  • गुलाबी संगमरमर – हमारे भारत देश में गुलाबी संगमरमर एक स्थान जिसे भरतपुर एवं जालौर जिसे रूपी भी कहा जाता है, में उचित मात्रा में पाया जाता है।
  • बदामी संगमरमर – इस प्रकार का संगमरमर जोधपुर में मुख्यता रूप से मिलता है। इस प्रकार के संगमरमर को मंगवाने के लिए आपको जोधपुर से इसको ऑर्डर करना पड़ेगा। इसका उपयोग फर्सो  को बैठाने और सजाने में किया जाता है।
  • ग्रीन संगमरमर – यह भी भारत देश के जयपुर में बहुत उचित मात्रा में पाया जाता है। इस प्रकार की पत्थर का प्रयोग किचन में अधिक किया जाता है। इस प्रकार के पत्थर में एक अलग प्रकार की चमक होती है।
  • लहरियादार संगमरमर – भारत देश के एक क्षेत्र राजसमद में इसका अथाह भंडार है। भारत में अन्य किसी जगह पर यह नहीं पाया जाता है।
  • ब्लैक संगमरमर – काले रंग का संगमरमर हमारे भारत देश के जयपुर में भैसलाना नामक स्थान पर बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। भारत के कई क्षेत्रों में काला संगमरमर यहीं से मनाया जाता है यह एक ऐसा स्थान है जहां काला संगमरमर भरपूर मात्रा में उपलब्ध है।
  • सफेद संगमरमर – इसे दूधिया संगमरमर भी कहा जाता है क्योंकि इसका रंग बहुत ही चमकीला और सफेद होता है। मकराना एक ऐसा स्थान है जहां का सफेद संगमरमर बहुत ही प्रसिद्ध है और भारत के अन्य क्षेत्रों में सफेद संगमरमर इसी स्थान से मंगाया जाता है।
  • लाल संगमरमर – यह मार्बल्स धौलपुर नामक स्थान पर पाया जाता है। लाल रंग के पत्थर का इस्तेमाल मंदिर और मस्जिद आदि बनवाने में किया जाता है। प्राचीन काल में पाश्चात्य सभ्यता के देशों में लाल रंग की बहुत ईमारत मनाई जाती है जिसमें मार्बल का प्रयोग किया जाता था।

chemical formula of marble

संगमरमर के उपयोग

संगमरमर के उपयोग इमारतों बिल्डिंग्स मंदिर मस्जिद आदि बनाने में किया जाता है। इसके अतिरिक्त बहुत सुंदर सुंदर प्रकार की मूर्तियां भी संगमरमर पत्थर से बनाई जाती है जो दिखने में बहुत ही आकर्षक लगती हैं और अच्छी कीमतों पर बिक जाती हैं। घरों में फस के अलावा दीवारों पर भी मार्बल टाइल्स लगाई जाती हैं जिससे कि घर और भी आकर्षक लगने लगता है।

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निष्कर्ष 

मार्बल का प्रयोग आज के युग में बहुत अधिक बढ़ गया है क्योंकि इस पर मौसम का कोई भी प्रभाव नहीं पड़ता है इसलिए भी लोग इसे अपने घरों में लगाना ज्यादा पसंद करते हैं। हमने आप अपने आज के इस लेख संगमरमर का रासायनिक सूत्र (Sangmarmar Ka Rasayanik Sutra Kya Hai) में आपको संगमरमर से संबंधित बहुत सारी जानकारी दी। अगर आपको हमारे यह article पसंद आया तो आप अपने मित्रों में भी यह लेख शेयर कर सकते हैं जिससे कि उन्हें भी संगमरमर के बारे में अच्छी जानकारी प्राप्त हो। बहुत जल्द मिलते हैं एक नए आर्टिकल के साथ।

 

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