नाइट्रोजन किसे कहते हैं इसका रासायनिक सूत्र, खोज, उपयोग और प्रतीक

नाइट्रोजन किसे कहते हैं?
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नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारी केमिस्ट्री की इस वेबसाइट पर। हमारे वायुमंडल में विभिन्न प्रकार की कैसे मौजूद हैं जैसे कि ऑक्सीजन कार्बन डाइऑक्साइड नाइट्रोजन आदि। इन सब के बारे में कुछ ना कुछ आपने जरूर पढ़ा होगा। आज हम अपने इस महत्वपूर्ण लेख में आपको विस्तार से बताएंगे कि नाइट्रोजन किसे कहते हैं। यह एक महत्वपूर्ण व उपयोगी रासायनिक तत्व है। विभिन्न प्रकार के पदार्थों में यह पाया जाता है।

आज हम जिन प्रश्नों की व्याख्या आपको करेंगे वह कुछ इस प्रकार हो सकते हैं की नाइट्रोजन गैस का रासायनिक प्रतीक क्या है, नाइट्रोजन किसे कहते हैं (Nitrogen Kise Kahte Hain) आदि। बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से यह बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्न है। इनको अच्छे से समझने के लिए आपको हमारा यह लेख अंत तक पूरा पढ़ना होगा। 

प्रोपेन का रासायनिक सूत्र क्या है?

नाइट्रोजन किसे कहते हैं?

यह एक रासायनिक तत्व है। जिसका प्रतीक N है अर्थात नाइट्रोजन का सूत्र N होता है।, इसका परमाणु क्रमांक 7 है। नाइट्रोजन एक बहुत महत्वपूर्ण तत्व है जिसे रासायनिक सारणी में कार्बन तथा ऑक्सीजन के बीच में रखा गया है। हमारे ब्रह्मांड में बहुत सारे तत्व पाए जाते हैं उनमें से नाइट्रोजन पांचवें नंबर पर सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह वायुमंडल का लगभग 78% भाग बनाता है। एक डाटा के मुताबिक वायुमंडल में 4000 ट्रिलियन टन गैस होती है। आप जाने के लिए उत्सुक होंगे कि नाइट्रोजन की खोज किसने की तो हम आपको बता दें कि इसकी खोज वैज्ञानिक डेनियल रदरफोर्ड ने की थी 

नाइट्रोजन गैस का सूत्र N2 होता है। इसका कोई रंग नहीं होता है। तथा इसमें किसी भी प्रकार की गंध भी नहीं पाई जाती है। यह जल में अल्प विलेय होती है और वायु से हल्की होती है।

नाइट्रोजन गैस का सूत्र = N2

विभिन्न पदार्थों का घटक नाइट्रोजन

क्योंकि यह एक बहुत महत्वपूर्ण तत्व है अतः यह बहुत महत्वपूर्ण पदार्थों में अपनी भूमिका निभाता है। जीवों के शरीर में पाए जाने वाले अमीनो एसिड्स अर्थात अमीनो अम्ल में नाइट्रोजन एक प्रमुख घटक होता है। सभी जीवित ऊतक में यह पाया जाता है। अनुवांशिकी का मुख्य आधार डीएनए होता है, जिसका नाइट्रोजन एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। मिट्टी में भी तथा जल में यह नाइट्रेट और नाइट्राइट के रूप में प्राप्त होता है। 

नाइट्रोजन गैस बनाने की विधि

नाइट्रोजन गैस बनाने की विधि दोनों विधियां अर्थात प्रयोगशाला विधि और औद्योगिक निर्माण विधियों को हमने निम्न प्रकार समझाया है –

1. प्रयोगशाला विधि

प्रयोगशाला में नाइट्रोजन गैस का निर्माण करने के लिए अमोनियम क्लोराइड के विलयन की अभिक्रिया सोडियम नाइट्रेट के साथ कराई जाती है। अमोनियम डाईक्रोमेट को गर्म करके इसका विघटन करने पर भी नाइट्रोजन गैस प्राप्त होती है।

2. औद्योगिक निर्माण विधि

औद्योगिक निर्माण के लिए वायु को द्रवित करके प्रभाजी आसवन द्वारा नाइट्रोजन गैस प्राप्त की जाती है। इस आसवन की विधि में पहले नाइट्रोजन आसवन हो जाती है और ऑक्सीजन शेष बचे जाती है।

नाइट्रोजन किसे कहते हैं

नाइट्रोजन के उपयोग

हम जानते हैं कि यह एक बहुत महत्वपूर्ण तत्व के रूप में साबित हुआ है तो इसके उपयोग भी बहुत महत्वपूर्ण यही है जो कि निम्न प्रकार दिए गए हैं –

  • इसका उपयोग अमोनिया बनाने में किया जाता है। इसके अलावा नाइट्रिक एसिड, नाइट्रस ऑक्साइड आदि महत्वपूर्ण पदार्थों के संश्लेषण में नाइट्रोजन तत्व का प्रयोग किया जाता है।
  • उर्वरक के रूप में भी नाइट्रोजन का इस्तेमाल किया जाता है। खेतों में किसानों के द्वारा एनपीके खाद डाली जाती है जिसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम एक निश्चित मात्रा में होता है।
  • द्रव नाइट्रोजन का प्रयोग खाद्य पदार्थों के परिवहन और ठंडी के प्रयोजन के लिए प्रशीतक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
  • जनन कोशिकाएं तथा अंडों को सुरक्षित रखने के लिए नाइट्रोजन का प्रयोग किया जाता है।
  • पेड़ पौधों के अंदर विभिन्न प्रकार के यागिकों का संश्लेषण नाइट्रोजन की उपस्थिति के कारण ही संभव हो पाता है।

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नाइट्रोजन चक्र

यह चक्र पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण भाग है। नाइट्रोजन चक्र की परिभाषा निम्न प्रकार दी जा सकती है –

नाइट्रोजन चक्र एक जैव भू-रासायनिक उस प्रक्रिया को कहा गया है जो वातावरण में उपस्थित अक्रिय नाइट्रोजन को जीवित जीवों के लिए अधिक उपयोगकारी रूप में बदल देती है। पेड़ पौधों के द्वारा नाइट्रोजन तत्व का प्रयोग सीधे तौर पर नहीं किया जा सकता है अतः इसे एक चक्कर से गुजरना पड़ता है जिसे नाइट्रोजन चक्र कहते हैं।

नाइट्रोजन चक्र को निम्न भागों में बांटा गया है –

  • नाइट्रोजन स्थिरीकरण प्रक्रिया
    यह सब से प्रारंभिक नाइट्रोजन चक्र का भाग है। इस चरण में वायुमंडलीय नाइट्रोजन को अमोनिया तथा अमीनो एसिड्स जैसे उपयोगी पदार्थों में बदला जाता है। यह एक जटिल जैविक प्रक्रिया है। नाइट्रोजन स्थिरीकरण प्रक्रिया को करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण जीवाणु उपयोग में आते हैं जैसे कि क्लॉस्ट्रीडियम, एजोटोबेक्टर, राइजोबियम, क्लोरोबियम, रोडॉस्पिरिलम आदि।
  • नाइट्रीकरण
    अमोनिया का नाइट्रेट तथा नाइट्राइट में ऑक्सीकरण होना ही नाइट्रिकरण की प्रक्रिया की परिभाषा है। इस प्रक्रिया को को जीवाणु द्वारा पूर्ण किया जाता है जैसे कि नाइट्रोजोमोनास, नाइट्रोकॉकस, नाइट्रोबैक्टर आदि।
  • अमोनीकरण
    मिट्टी में उपस्थित जीव जंतुओं के मृत शरीर में उपस्थित प्रोटीन पदार्थों का अपघटन को जीवाणुओं के द्वारा कर दिया जाता है। जिसके पश्चात अमीनो अम्ल का निर्माण होता है। यदि प्रोटीन ऐसे वातावरण में अब घटित होती है जहां पर भाइयों का अभाव होता है तो यह एमाइड में परिवर्तित हो जाती है। जिसका ऑक्सीकरण करके अमोनिया का निर्माण होता है। मुक्त अवस्था में अमोनिया जहरीली होती है और वातावरण में इसका फैसला हानिकारक हो जाता है। इसलिए इस अमोनिया को नाइट्री करण की क्रिया के द्वारा नाइट्रेट में परिवर्तित कर दिया जाता है।
  • विनाइट्रीकरण
    कुछ जीवाणु कैसे होते हैं जो विभिन्न प्रकार के नाइट्रोजन चाहे बहे कार्बनिक रूप में हो या अकार्बनिक हो उसे वातावरण में गैस अवस्था में मुक्त करने की क्षमता रखते हैं। इस प्रकार के जीवाणुओं के नाम थायो बेसिलस, स्यूडोमोनस डिनाइट्रिफिकेशन आदि हैं।

नाइट्रोजन चक्र का चित्र बनाइए

निष्कर्ष

पूरा लेख पढ़ने के पश्चात आज आपने जाना कि नाइट्रोजन किसे कहते हैं तथा इसके उपयोग किया है। परीक्षा की दृष्टि से कभी प्रश्न पूछ लिया जाता है कि नाइट्रोजन गैस का चित्र बनाइए तो उसे भी हमने अपने लेख में पूरे विस्तार से आपको समझाया है। अब यदि आपका कोई भी प्रश्न इस लेख से संबंधित शेष रह गया हो तो आप हमें कमेंट सेक्शन के माध्यम से सूचित कर सकते हैं, हम आपके प्रश्न का उत्तर शीघ्र देने का प्रयास करेंगे। बहुत जल्द मिलेंगे एक नए लेख के साथ।

 

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